फ़ाउंडेशन के बारे में
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विवस्वान् फ़ाउंडेशन की स्थापना जुलाई २०११ में वर्षावा (पोलैंड) में हुई। भारतीय संस्कृति और ज्ञान के अध्ययन और इन्हें जीवन में लाना फ़ाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य है। फ़ाउंडेशन का कार्यक्षेत्र -
- भारतीय शास्त्र परम्परा और अध्यात्मिक ज्ञान का अध्ययन-अध्यापन
- भारतीय भाषाओं का अध्ययन-अध्यापन,
- भारतीय संस्कृति और कला का अध्ययन-अध्यापन और प्रचार
- योग और आयुर्वेद का प्रयोग।
संस्थापक -
१) फ़िलिप रुचिंस्की (शिवानन्द शास्त्री),
संपूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में त्रिवर्षीय संस्कृत प्रमाण पत्रीय कोर्स और अद्वैतवेदान्त के विभाग के शास्त्री द्वितीय वर्ष के बाद वार्सा यूनिवेर्सिटी (University of Warsaw) के प्राच्य-विद्या विभाग में आचार्य (M.A) और विद्यावारिधि (PhD) उपाधि प्राप्त किया हुआ। उसके अध्ययन क्षेत्र में संस्कृत, भाषाविज्ञान, संस्कृत साहित्य (अलंकार शास्त्र, काव्य), दर्शन (सांख्य-योग, पूर्व-उत्तर मीमांसा / अद्वैत वेदान्त, न्याय-वैशेषिक), धर्मशास्त्र, कला और विशेष रूप से आचार्य अभिनवगुप्त का साहित्य और दर्शन (प्रत्यभिज्ञा) आते हैं। वह पोलैंध में वार्षावा में (Warsaw) और भारत में वाराणसी में रहता है।
२) स्कार्बीमीर रुचिंस्की (योगानन्द शास्त्री) संपूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय (वाराणसी) में पुराणेतिहास विभाग में आचार्य तथा योग-तंत्र विभाग में विद्यावारिधि (PhD) उपाधि प्राप्त किया हुआ। वह अहमदबाद (गुजरात) में रहता है जहां वह अपनी कम्पनी www.atreyo.in में काम करता है। योगानन्द विवस्वान द्वारा प्रकाशित ग्रन्थों का संशोधन और उसका ग्रैफ़िक डिज़ाइन का काम करता है।
फ़ाउंडेशन का इद्देश्य भारत की विशिष्ट शास्त्रीय व सांस्कृतिक उपलब्धियों का संवर्धन करना है।
फ़ाउंडेशन का मुख्य केंन्द्र वर्षावा शहेर में पोलैंड में है।
फ़ाउंडेशन व्यवसायिक अर्थोपार्जन नहीं करता। उसके आय का स्रोत निजी डोनेशन हैं।
पंजीकरण संख्या आदि -
NIP 5213614071
REGON 143782820
KRS 0000392692
धनकोष संख्या - 46103000190109853000355091
